इजरायल से भी अधिक महाशक्तिशाली ‘आयरन डोम’ बनाएगा अमेरिका, आखिर ट्रंप का इरादा क्‍या है?

वाशिंगटन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अमेरिका को दुश्मनों से बचाने के लिए आयरन डोम बनवाने की तैयारी कर रहे हैं। खास बात यह है कि इजरायल का यह एयर डिफेंस सिस्टम पिछले कुछ सालों से विवाद का केंद्र रहा है और इस सिस्टम की क्षमता पर सवाल भी उठे हैं। इन सब को दरकिनार करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने  कहा है कि वे जल्द ही अमेरिका के लिए आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम तैयार करवाएंगे। ट्रंप ने यह भी कहा है कि इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए वह जल्द ही एक एग्जीक्यूटिव आदेश पर साइन करेंगे। ट्रंप के मुताबिक यह आयरन डोम इजरायल की तर्ज पर तैयार होगा जिसकी मदद से इजरायल ने अब तक हजारों रॉकेटों और मिसाइलों को अपनी सीमा में घुसने से पहले ही नष्ट किया है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में रिपब्लिकन कांग्रेस के एक समारोह में कहा, "हमें अत्याधुनिक आयरन डोम मिसाइल डिफेंस शील्ड का निर्माण तुरंत शुरू करने की जरूरत है। यह अमेरिकियों को खतरों से बचाने में सक्षम होगी।" ट्रंप ने कहा कि यह प्रणाली अमेरिका में ही बनाई जाएगी। बता दे कि इस कार्यक्रम में पीट हेगसेथ ने नए रक्षा सचिव के रूप में पदभार संभाला। इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि वह चार आदेशों पर साइन करेंगे। इनमें से एक आदेश के जरिए वह अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडर्स की भर्ती पर रोक लगाने की तैयारी में भी हैं।

अमेरिका ने ही बनवाया था इजरायल का आयरन डोम

इजरायली आयरन डोम को ड्रोन, रॉकेट, क्रूज मिसाइलों सहित कई तरह के खतरों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है. जिसे अमेरिका के साथ साझेदारी में विकसित किया गया था. यह एडवांस सिस्‍टम दुश्‍मन की ओर से आ रही मिसाइलों का पता लगाने, उन्हें रोकने और बेअसर करने में कारगर है. ट्रंप ने अपने आदेश में इस अगली पीढ़ी के रक्षा कवच को विनाशकारी खतरों के खिलाफ ताकतवर सुरक्षा बताया है.
अमेरिका को कितना फायदा?

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गौरतलब है कि अपने चुनावी अभियान के दौरान ट्रंप ने कई बार अमेरिका के लिए आयरन डोम सिस्टम का एक नया वर्जन बनाने का वादा किया था। हालांकि उनके इस कदम को लेकर एक्सपर्ट्स ने कुछ चेतावनी भी दी हैं। ट्रंप इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहे हैं कि यह सिस्टम सिर्फ कम दूरी के मिसाइलों के लिए डिजाइन की गई है। वहीं अमेरिका को सबसे ज्यादा खतरा इंटर कांटिनेंटल मिसाइलों से हैं, जिसे आयरन डोम नष्ट नहीं कर सकता है।
आयरन डोम की क्षमता पर उठे हैं सवाल

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बीते कुछ सालों से इस सिस्टम की क्षमता पर सवाल भी उठे हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले ने आयरन डोम को भेदते हुए हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। वहीं हिजबुल्लाह के पावरफुल मिसाइल भी इस सिस्टम का तोड़ निकाल चुके हैं। हालांकि ट्रंप ने एक बार फिर इजरायली सिस्टम की तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि इजरायल का आयरन डोम लगभग हर एक मिसाइल को मार गिराता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भी इसका हकदार है।

अब तक नहीं हुआ ऐसे हथियार का इस्‍तेमाल

हालांकि, आधुनिक युद्ध में अमेरिकी क्षेत्र के खिलाफ ऐसे किसी भी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया है. जिससे उसे इतने भारी-भरकम सुरक्षा कवच की जरूरत पड़े. इस एडवांस सिक्‍योरिटी सिस्‍टम को पूरी तरह संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में ही तैयार किया जाएगा.

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